भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान

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मंडपम क्षेत्रीय केंद्र में स्कूल छात्रों के लिए जागरूकता कार्यक्रम

मंडपम क्षेत्रीय केंद्र में स्कूल छात्रों के लिए जागरूकता कार्यक्रम

    भा कृ अनु प – केन्द्रीय  समुद्री  मात्स्यिकी  अनुसंधान  केंद्र  के मंडपम क्षेत्रीय केंद्र में  दिनांक  6  जुलाई  2019 को समुद्री मात्स्यिकी एवं समुद्री संवर्धन पर स्कूल छात्रों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। दक्षिण रेलवे महिला  कल्याण संगठन, मदुरै के अधीन कुल 140 स्कूल छात्रों एवं  40   अध्यापकों एवं गैर शिक्षण कर्मचारियों ने  इस कार्यक्रम से लाभान्वित हुए. डॉ. आर. जयकुमार, प्रभारी वैज्ञानिक ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और भा कृ अनु प – सी एम एफ आर आइ  के अनुसंधान गतिविधियों के बारे में जानकारी दी. बाद में, उन्होंने छात्रों के सवालों का जवाब दिया.  छात्रों ने जलजीवशाला, संग्रहालय, स्फुटनशाला एवं  केंद्र की अन्य सुविधाओं का दौरा किया. वीडियो प्रदर्शनी के ज़रिए छात्रों  में समुद्री संपदा परिरक्षण, जैवविविधता से संबंधित मामलों एवं समुद्री संवर्धन की गतिविधियों पर जागरूकता जगायी.  डॉ. जोणसन बी., वैज्ञानिक ने कार्यक्रम का समन्वयन किया.

 


 

समुद्री अलंकारी मछली पालन और समुद्री शैवाल पालन पर प्रशिक्षण

                  समुद्री अलंकारी मछली पालन और समुद्री शैवाल पालन पर प्रशिक्षण

लक्षद्वीप के वी के के विषय विशेषज्ञ (एस एम एस) (मात्स्यिकी) के लिए भा कृ अनु प – केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सी एम एफ आर आइ) मंडपम क्षेत्रीय केंद्र में दिनांक 25-28 जून 2019 के दौरान समुद्री अलंकारी मछली पालन और समुद्री शैवाल पालन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. डॉ. आर. जयकुमार, प्रभारी वैज्ञानिक ने समुद्री शैवाल पालन एवं समुद्री अलंकारी मछली पालन के महत्व का विवरण दिया. भागीदार को बॉस से प्लवमान बेड़ा बनाने, रोपण सामग्री (समुद्री शैवाल टुकडे) को रस्सी से बाँधने, रोपण किए गए समुद्री शैवाल टुकडे सहित रस्सी को बॉस के राफ्ट के साथ बांधना एवं समुद्र में इसके विस्थापन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया. इसी तरह उनको मोनोलाइन पालन तरिके पर पहली बार प्रशिक्षित किया गया. मुनैक्काडु एवं तूणितुरै के समुद्री शैवाल फार्म एवं मानामदुरै के समुद्री शैवाल प्रसंस्करण यूनिट में दौरा के लिए व्यवस्था की गयी. ब्रूडस्टोक विकास, प्रजनन, क्लाउन मछलियों के डिम्भक एवं संततियों का पालन, पालन तकनीकें, जीवित खाद्य संवर्धन, पानी की गुणता एवं रोग प्रबंधन पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए गए. तंगचीमडम में छोटे पैमाने पर स्थापित समुद्री अलंकारी मछली यूनिट में दौरा की व्यवस्था की गयी. उन्होंने समद्री अलंकारी मछली उपभोक्ताओं के साथ विचार – विमर्श किया. डॉ. जोणसन बी.,  वैज्ञानिक  ने  कार्यक्रम  का  समन्वयन  किया

टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र में समुद्री शैवाल पैदावार पर प्रशिक्षण

टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र में समुद्री शैवाल पैदावार पर प्रशिक्षण


    भा कृ अनु प – केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सी एम एफ आर आइ) टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र एवं वन विभाग, टूटिकोरिन के मान्नार खाड़ी जीवमंडल ट्रस्ट (जी ओ एम बी आर टी) ने संयुक्त रूप से दिनांक 26 से 28 जून 2019 तक पारिस्थितिकी विकास समिति (ई डी सी) तटीय गाँव, सूनामी नगर, टूटिकोरिन एवं सी एम एफ आर आइ टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र में ग्रेसिलेरिया एगार उपज समुद्री शैवाल के पैदावार पर तीन दिवसीय प्रसिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया. यह प्रशिक्षण जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय अनुकूलन निधि परियोजना (एन ए एफ सी सी) का भाग था.


   सी एम एफ आर आइ टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र राज्य मात्स्यिकी विभाग के एफ आइ एम एस यु एल, एन ए डी पी, एवं एन एफ डी बी परियोजनाओं के अधीन समुद्री पिंजरों में समुद्रीबास, कोबिया, महाचिंगट आदि के पालन, स्थान चयन, पिंजरा निर्माण एवं विस्थापन पर वैज्ञानिक सलाह प्रदान किया जा रहा है. श्री रघुवरन राजेश, वन रेंज अधिकारी, वन विभाग, टूटिकोरिन जिला एवं क्षेत्रीय प्रभारी, जी ओ एम बी आर टी, डॉ. पी. पी. मनोजकुमार, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी वैज्ञानिक, सी एम एफ आर आइ टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र एवं श्री सी. कालिदास, वैज्ञानिक ने उद्घाटन समारोह में भाषण दिए. श्री सी. कालिदास, डॉ. एल. रंजित, श्रीमती एम. कविता एवं श्री डी. लिंग प्रभु ने विविध विषयों पर कक्षाएं चलायीं. जी ओ एम बी आर टी ई डी सी तटीय गाँवों से कुल 25 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जी ओ एम बी आर टी, टूटिकोरिन जिला के वित्तपोषण से आयोजित किया गया था.

टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र में जलवायु परिवर्तन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र में जलवायु परिवर्तन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

भा कृ अनु प केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सी एम एफ आर आइ) के टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र ने दिनांक 18 जून 2019 को कृषि एवं ग्रामीण विकास का राष्ट्रीय बैंक (एन ए बी ए आर डी) के प्रशिक्षण संस्थापन राष्ट्रीय बैंक स्टाफ कॉलेज (एन बी एस सी), लखनऊ, के सहयोग से जलवायु परिवर्तन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का एक हिस्सा आयोजित किया. इस कार्यक्रम में एन ए बी ए आर डी के बैंक अधिकारियों एवं राष्ट्रीय बैंक स्टाफ कॉलेज के कर्मचारियों और सी एम एफ आर आइ टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र के अधिकारियों ने भाग लिया था. डॉ. पी. पी. मनोजकुमार, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी वैज्ञानिक, भा कृ अनु प - टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र ने सभा का स्वागत किया. श्री शुश्रुत वी. सरदेशाइ, प्राचार्य, एन बी एस सी लखनऊ, श्री एस. के. जहागिरधर, संकाय सदस्य, एन बी एस सी लखनऊ ने बधाई भाषण दिया. डॉ. आइ. जगदीश, प्रधान वैज्ञानिक, भा कृ अनु प सी एम एफ आर आइ टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र, टूटिकोरिन ने कार्यक्रम की रूपरेखा की व्याख्या दी.


  


डॉ. आइ. जगदीश, प्रधान वैज्ञानिक, डॉ. एल. रंजित, वैज्ञानिक, श्री डी. लिंगप्रभु, वैज्ञानिक ने विविध विषयों पर व्याख्यान दिए. डॉ. आइ. जगदीश, प्रधान वैज्ञानिक, डॉ. एल. रंजित, वैज्ञानिक, श्री डी. लिंगप्रभु, वैज्ञानिक ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वयन किया. डॉ. विजयपांडियन, जिला विकास अधिकारी, एन ए बी ए आर डी, टूटिकोरिन ने कृतज्ञता ज्ञापित की. राज्य भर से एन ए बी ए आर डी के 28 अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया.

भा कृ अनु प – सी एम एफ आर आइ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन

मुख्यालय, कोच्ची

भा कृ अनु प -  केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सी एम एफ आर आइ) के मुख्यालय कोच्ची एवं विविध क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्रों में दिनांक 21 जून, 2019 को जागरूकता कार्यशाला एवं योग आसनों के प्रदर्शन के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया. श्री बालकृष्ण मनोन, प्रसिद्ध योग प्रशिक्षक एवं आर्ट ऑफ लिविंग फौंडेशन, बैंगलूर के उन्नत चिंतन प्रशिक्षक संस्थान मुख्यालय कोच्ची की कार्यशाला में मुख्य अतिथि थे.


उन्होंने कहा कि योग शरीर, श्वास, एवं मन का मिलन है जो शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में सहायक है. उन्होंने यह भी बताया कि विशेष अवसर जैसे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के दौरान भारत सरकार एवं माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी संस्थानों में योग कार्यक्रम के लिए विशाल भागीदारी सुनिश्चित करने की पहल को समर्थन करने के कारण योग प्रथाओं को व्यापक प्रदर्शन एवं लोकप्रियता मिली है. अतीत में योग के बारे में मौजूद गलतफहमियों को निरंतर जागरूकता कार्यक्रमों के ज़रिए समझाया गया.शरीर एवं स्वास्थ्य की सफाई के अलावा योग का निरंतर अभ्यास करने से अपने आप को  उसके / उसकी आतंरिक मन को जानने एवं ढूढने में सहायक होगा.


जागरूकता कार्यशाला से प्रोत्साहन पाकर, कार्यक्रम आयोजित किए भा कृ अनु प – सी एम एफ आर आइ के मनोरंजन क्लब ने संस्थान में हफ्ते में दो बार योग प्रशिक्षण शुरू करने की घोषणा की. सभा में प्रशिक्षण के उदघाटन के बाद जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गयी. श्री बालकृष्ण मनोन एवं श्रीमती स्मिता के., वैयक्तिक सहायक, भा कृ अनु प – सी एम एफ आर आइ ने योग प्रशिक्षण का नेतृत्व किया. डॉ. टी. वी. सत्यानंदन, प्रभारी निदेशक एवं अध्यक्ष, मात्स्यिकी संपदा निर्धारण प्रभाग ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. डॉ. वी. कृपा, अध्यक्ष, मात्स्यिकी पर्यावरण एवं प्रबंधन प्रभाग एवं मनोरंजन क्लब के अध्यक्ष ने कार्यक्रम का समन्वयन किया.

मांगलूर अनुसंधान केंद्र

केंद्र में दिनांक 21 2019 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया. सुबह 10.00 बजे कार्यक्रम की शुरुआत हुई. इस अवसर पर, आयुष मंत्रालय द्वारा विशेष रूप से साधारण योग प्रोटोकॉल पर प्रकाशित पुस्तिका में दैनिक जीवन में योग की प्रधानता पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए सन्देश का वाचन किया. इसके बाद आयुष मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त प्रोटोकोल के अनुसार सभी योगासनों पर व्यावहारिक सत्र आयोजित किया गया. सभी वैज्ञानिकों, तकनीकी कर्मचारियों, अनुसंधान अध्येताओं एवं संविदा कर्मचारियों ने योग सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया. 


पुरी क्षेत्र केंद्र


 


टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र

प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन एवं भा कृ अनु प से प्राप्त आदेश के अनुपालन में सी एम एफ आर आइ टूटिकोरिन अनुसंधान केंद्र के सम्मलेन कक्ष में दिनांक 21 जून, 2019 को सुबह 10.30 बजे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया. योग मास्टर श्री स्टालिन रत्नस्वामी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने के लिए आमंत्रित किया गया. भा कृ अनु प स्वागत गीत से कार्यक्रम की शुरुआत हुई. केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक, डॉ. पी. पी. मनोजकुमार ने स्वागत भाषण दिया जिसके बाद डॉ. पी. एस. आशा, प्रधान वैज्ञानिक ने सभा का संबोधन किया और योग अभ्यास की आवश्यकता के बारे में बताया. स्टालिन रत्नस्वामी ने मानव जीवन में योग के महत्व एवं लाभ पर विशेष व्याख्यान दिया. उन्होंने यह भी कहा कि योग मानव को शारीरिक / मानसिक शक्ति प्रदान करता है और इसके निरंतर अभ्यास से स्वास्थ्य में सुधार लाया जाता है. मानव में योग के साथ स्वस्थ भोजन की आदत से स्वास्थ्य में सुधार एवं शारीरिक पीड़ा से राहत हो जाएगा. इसके बाद उन्होंने विविध आसन एवं प्राणायामा का प्रदर्शन किया. सभी कार्मिकों ने निदेशों का पालन किया और पूरी निष्ठा से योग का अभ्यास किया. श्री जेराल्ड राजा, सचिव, मनोरंजन क्लब, सी एम एफ आर आइ, टी आर सी के धन्यवाद ज्ञापन से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की समाप्ति हुई.