भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान
  • Modern reading facility and internet access
  • Digitization through high resolution scanner
  • Subscribing to more than 400 journals.
  • More than 100 old and rare volumes.
  • Access to researchers and public

Home पुस्त कालय एवं प्रकाशन

संस्‍थान मुख्‍यालय कोच्‍ची में मात्स्यिकी एवं समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में बेहत्‍तर तथा विशेष त‍रह का पुस्‍तकालय है. सी एम एफ आर आइ मंडपम क्षेत्रीय केन्‍द्र के पुस्‍तकालय में समुद्र विज्ञान से संबंधित  विरल और पुराने प्रकाशन हैं और मुख्‍यालय में 60,000 पुस्‍तकें और पत्रिकाएं तथा 400 से अधिक वैज्ञानिक पत्रिकाएं भी मौजूद हैं. कुल 70 राष्‍ट्रीय तथा अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्रित पत्रिकाएं और 82 ओनलाइन पत्रिकाएं मौजूद हैं जो इन्‍टरनेट द्वारा मुख्‍यालय / क्षेत्रीय केन्‍द्रों / अनुसंधान केन्‍द्रों से एक्‍सेस की जा सकती हैं. पर्याप्‍त डिजिटल संपदाओं और वीडियो सहित डिजिटल लाइब्ररी उपयोगकर्ताओं को डेस्‍कटोप से एक्‍सेस करने की सुविधा के लिए LAN द्वारा सारे कंप्‍यूटरों में कनक्‍ट किया गया है. कंप्‍यूटरीकृत खोज और इलेक्‍ट्रोनिक चेक इन और चेक आउट सुविधाएं भी उपलब्‍ध हैं.

  • समुद्र विज्ञान संस्‍थागत रिपोसिटरियों में राष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रथम और भौगोलिक स्‍तर पर 5वां स्‍थान
  • भारतीय संस्‍थागत रिपोसिटरियों में तीसरा रैंक
  • एशिया की 500 रिपोसिटरियों में 25वां रैंक
  • विश्‍व रैंक की 2000 रिपासिटरियों में 283वां स्‍थान
  • वर्ष 2012 का उत्‍कृष्‍ट संस्‍थागत पुरस्‍कार कृष्‍णकांत हान्डिक्‍वी स्‍टेट ओपन विश्‍वविद्यालय, असम द्वारा सी एम एफ आर आइ संस्‍थागत रिपोसिटरी को प्राप्‍त हुआ.

 Eprints@CMFRI  केन्‍द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्‍थान का ओपन ऐक्‍सेस संस्‍थागत खजाना है. सी एम एफ आर आइ की अनुसंधान उपलब्धियॉं – पत्रिका लेख, सम्‍मेलन लेख, रिपोर्टें, थिसीस, पेटेन्‍ट आदि का अपलॉड किए गए हैं. उपयोगकर्ता संस्‍थान की रिपोसिटरी से और इन्‍टरनेट सेर्च इंजनों से आसानी से डाउनलॉड कर सकते हैं.

 

सी एम एफ आर आइ ने भारतीय और अंतर्राष्‍ट्रीय पत्रिकाओं, पुस्‍तकों, विशेष प्रकाशनों और बुलेटिनों में 10000 से अधिक लेख प्रकाशित किए गए हैं. इसके अतिरिक्‍त संस्‍थान के अद्यतन अनुसंधान विकासों को हर तिमाही के दौरान सी एम एफ आर आइ समाचार, समुद्री मात्स्यिकी सूचना सेवा और इंडियन जर्नल ऑफ फिशरीस में प्र‍काशित किया जाता है.

घटना कैलन्डनर

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